साइना कश्यप फिर से आए करीब
Saina Nehwal and Parupalli Kashyap Relationship: भारतीय बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल और उनके पति पारुपल्ली कश्यप के रिश्ते में एक भावनात्मक मोड़ आया है. तलाक की घोषणा के महज दो हफ्ते बाद अब दोनों ने अपने रिश्ते को एक और मौका देने का फैसला किया है. साइना की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने ये साफ कर दिया कि अब दोनों फिर से साथ आने की कोशिश कर रहे हैं.
भारत की मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल और उनके पति पारुपल्ली कश्यप के रिश्ते में अब नई उम्मीद की किरण दिख रही है. कुछ दिन पहले ही दोनों ने अलग होने का फैसला लिया था, लेकिन अब साइना ने एक भावुक पोस्ट के जरिए यह संकेत दिया है कि वे दोनों फिर से अपने रिश्ते को संभालने की कोशिश कर रहे हैं.
शनिवार (2 अगस्)त को साइना ने इंस्टाग्राम पर पारुपल्ली कश्यप के साथ एक फोटो शेयर की.जिसमें उन्होंने लिखा, "कभी-कभी दूरियां आपको किसी की अहमियत का महत्व सिखाती हैं. यहां हम फिर से कोशिश कर रहे हैं." इस पोस्ट के सामने आते ही फैंस की प्रतिक्रिया की बाढ़ आ गई. किसी ने इसे "सच्चे प्यार की जीत" बताया तो किसी ने कहा, "प्यार को फिर से मौका देना सबसे खूबसूरत फैसला है."
इससे पहले 14 जुलाई को साइना ने इंस्टाग्राम स्टोरी में कश्यप से अलग होने का ऐलान किया था. उन्होंने लिखा था कि जिंदगी कभी-कभी अलग रास्तों पर ले जाती है और बहुत सोच-विचार के बाद हमने अलग होने का फैसला लिया है. इस खबर ने उनके प्रशंसकों को चौंका दिया था, क्योंकि साइना और कश्यप भारतीय खेल जगत की सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक रहे हैं.
साइना और कश्यप की शादी दिसंबर 2018 में हुई थी और दोनों 2007 से रिलेशनशिप में थे. दोनों ने हैदराबाद में साथ ट्रेनिंग की और बीते कुछ सालों में कश्यप साइना के कोच भी बने. कश्यप ने 2024 में बैडमिंटन से संन्यास ले लिया था. साइना ने जून 2023 के बाद से कोई भी इंटरनेशनल टूर्नामेंट नहीं खेला है.
साइना नेहवाल का करियर चोटों के चलते काफी प्रभावित हुआ, लेकिन उन्होंने भारत को ओलंपिक में कांस्य पदक (लंदन 2012) दिलाकर इतिहास रचा था. अब जबकि साइना और कश्यप ने एक बार फिर साथ आने का फैसला किया है, यह सिर्फ उनके निजी रिश्ते के लिए ही नहीं बल्कि उनके प्रशंसकों के लिए भी एक सुखद खबर है. ये साबित करता है कि प्यार और समझदारी से कोई भी रिश्ता फिर से संवर सकता है.
श्रीलंका की हार से पाकिस्तान की उम्मीदें जिंदा
SL Pak Match in Asia Cup: एशिया कप का फीवर चढ़ने लगा है. मंगलवार (23 सितंबर) को पाकिस्तान और श्रीलंका बीच सुपर-4 का मुकाबले में कड़ा रोमांच देखने को मिला
शाहीन शाह अफरीदी और हुसैन तलत की घातक गेंदबाजी के दम पर पाकिस्तान ने एशिया कप टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के सुपर-4 चरण में श्रीलंका को रोमांचक मुकाबले में पांच विकेट से हराकर फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा.
भारत के खिलाफ पिछली हार से उबरते हुए पाकिस्तान ने श्रीलंका द्वारा दिए गए 134 रन के लक्ष्य को 18 ओवर में पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया. पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद नवाज (नाबाद 38 रन, 24 गेंद, तीन चौके, तीन छक्के) और हुसैन तलत (नाबाद 32 रन, 30 गेंद, चार चौके) ने छठे विकेट के लिए 58 रन की नाबाद साझेदारी कर टीम को जीत की राह दिखाई.
पाकिस्तान गेंदबाजों की फ्लाप के बाद बदली किस्मत
श्रीलंका की ओर से महेश तीक्षणा (दो विकेट, 24 रन) और वानिंदु हसरंगा (दो विकेट, 27 रन) ने उम्दा स्पिन गेंदबाजी की लेकिन टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहे. इससे पहले टॉस जीतकर पाकिस्तान ने श्रीलंका को बल्लेबाजी का न्योता दिया और गेंदबाजों ने कप्तान आगा सलमान के फैसले को सही साबित कर दिखाया। शाहीन अफरीदी ने 28 रन देकर तीन विकेट, तलत ने 18 रन पर दो विकेट और हारिस राऊफ ने 37 रन पर दो विकेट चटकाए.
लेग स्पिनर अबरार अहमद ने भी चार ओवर में मात्र आठ रन देकर एक विकेट झटका. श्रीलंका की पूरी टीम 20 ओवर में आठ विकेट पर 133 रन ही बना सकी. टीम की ओर से कामिंदु मेंडिस ने 44 गेंदों में 50 रन (तीन चौके, दो छक्के) की जुझारू पारी खेली. उन्होंने चमिका करुणारत्ने (नाबाद 17) के साथ सातवें विकेट के लिए 43 रन जोड़कर पारी को संभाला. कप्तान चरिथ असलंका ने 20 रन बनाए।
लो स्कोरिंग मैच में रोमांच का जादू
लक्ष्य का पीछा करने उतरे पाकिस्तान को साहिबजादा फरहान (24) और फखर जमां (17) ने 45 रन की मजबूत शुरुआत दिलाई. हालांकि तीक्षणा ने फरहान और फखर को लगातार गेंदों पर आउट कर मैच में वापसी दिलाई. इसके बाद हसरंगा ने सईम अयूब (2) और आगा सलमान (5) को आउट करके पाकिस्तान को संकट में डाल दिया।
इस समय पाकिस्तान का स्कोर चार विकेट पर 57 रन था. यहां से तलत और मोहम्मद हारिस (13) ने थोड़ी देर संभाला, लेकिन चमीरा ने हारिस को बोल्ड कर साझेदारी तोड़ दी. इसके बाद नवाज और तलत ने मिलकर मोर्चा संभाला. नवाज ने हसरंगा और चमीरा पर आक्रामक शॉट्स लगाए, जबकि तलत ने धैर्य से खेलते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया.
श्रीलंका की पारी का हाल
श्रीलंका ने मैच की शुरुआत ही खराब की और दूसरी ही गेंद पर कुसाल मेंडिस (0) शाहीन की गेंद पर कैच देकर आउट हो गए. पथुम निसांका (8) भी ज्यादा देर नहीं टिक पाए। असलंका (20) और कुसाल परेरा (15) ने कुछ रन जोड़े लेकिन बड़ा स्कोर बनाने में विफल रहे. कामिंदु मेंडिस ने जरूर अर्धशतक जड़ा लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास सहयोग नहीं मिला. तलत ने असलंका और दासुन शनाका (0) को लगातार गेंदों पर आउट किया और श्रीलंका की पारी बिखेर दी.
पाकिस्तान की उम्मीदें बरकरार
अंतिम पांच ओवर में पाकिस्तान को 30 रन चाहिए थे. इस दौरान तलत ने हसरंगा पर लगातार चौके लगाए और नवाज ने चमीरा पर तीन छक्के जड़कर टीम को आसानी से जीत दिला दी. इस जीत के साथ पाकिस्तान ने फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को मजबूती दे दी, जबकि श्रीलंका को हार का सामना करना पड़ा.
अकील होसेन और रोहित पौडेल ट्रॉफी के साथ पोज देते हुए
Nepal vs West Indies T20 Cricket Match: नेपाल ने शनिवार को क्रिकेट के अंतरराष्ट्रीय मंच पर इतिहास रच दिया. देश की क्रिकेट टीम ने दो बार के विश्व चैंपियन वेस्टइंडीज को पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 19 रन से हराया. यह नेपाल की किसी पूर्ण सदस्य देश के खिलाफ पहली जीत है. इससे पहले नेपाल ने 2014 में अफगानिस्तान को हराया था, लेकिन उस समय नेपाल केवल एसोसिएट सदस्य था.
शनिवार का मुकाबला नेपाल के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक की सबसे बड़ी जीत साबित हुआ. यह जीत न केवल वेस्टइंडीज के खिलाफ उनके पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में आई, बल्कि यह किसी पूर्ण सदस्य देश के खिलाफ उनकी पहली द्विपक्षीय श्रृंखला की जीत भी थी.
बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर नेपाल ने आठ विकेट खोकर 148 रन बनाए. मैच के शुरुआती ओवरों में वेस्टइंडीज के गेंदबाज अकील हुसैन और जेसन होल्डर ने शानदार शुरुआत करते हुए चौथे ओवर तक नेपाल का स्कोर दो विकेट पर 12 रन कर दिया. इसके बाद कप्तान रोहित पोडेल (38) और कुशल मल्ला (30) ने 58 रन की अहम साझेदारी करके नेपाल की पारी को संभाला. लेकिन वेस्टइंडीज के नवीन बिदाईसी ने दोनों को जल्दी-जल्दी आउट कर दिया.
कुशल मल्ला ने दो छक्के लगाकर रन गति में इजाफा किया, जबकि दीपेंद्र सिंह ऐरी (24) और गुलशन झा (22) ने भी उम्दा पारियां खेलीं. होल्डर ने 19वें ओवर में तीन विकेट चटकाए, लेकिन वेस्टइंडीज की टीम कुछ कैच टपकाने की वजह से नेपाल को आठ विकेट पर 148 रन बनाने में सफल होने से नहीं रोक सकी.
वेस्टइंडीज की पारी की शुरुआत खराब रही. नेपाल के कुशल भुर्तेल ने काइल मायर्स (05) को रन आउट किया. अकीम ऑगस्टे (15) ने दो छक्के लगाकर पलटवार किया, लेकिन नेपाल के स्पिनरों ने जल्दी ही रन गति पर ब्रेक लगा दिया. ललित राजवंशी ने छह रन देकर एक विकेट लिया, जबकि रोहित पोडेल ने 20 रन पर एक विकेट लेकर मध्य ओवरों में वेस्टइंडीज की पारी को काबू में किया.
इसके बाद दीपेंद्र ऐरी ने शानदार फील्डिंग करते हुए कीसी कार्टी (16) को रन आउट किया. होल्डर (05) भी भुर्तेल की गेंद पर आउट हो गए, जिससे कैरेबियाई टीम की जीत की उम्मीदें धूमिल हो गईं. हुसैन (18) और फैबियन एलेन (19) ने टीम को संघर्ष करने की कोशिश की, लेकिन नेपाल की जीत को रोक नहीं सके.
डरहम के खिलाफ शॉट लगाते शतकवीर डॉम सिबली
Cricket News Today: इंग्लैंड की काउंटी क्रिकेट में सोमवार (30 जून) को एक ऐतिहासिक और रोमांचक नजारा देखने को मिला. सरे (Surrey) की टीम ने डरहम के खिलाफ फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपनी पहली पारी 820/9 के स्कोर पर घोषित कर दी. यह स्कोर सरे के 180 साल पुराने इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर बन गया है, जो क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी रोमांच से कम नहीं रहा.
ओवल मैदान पर खेले जा रहे इस मुकाबले में सरे की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और दो दिन तक बैटिंग करते हुए डरहम के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की. इस पारी की सबसे बड़ी खासियत रही डॉम सिबली का 305 रनों का शानदार तिहरा शतक, जो उन्होंने 475 गेंदों में लगभग 10 घंटे तक क्रीज पर टिककर बनाया.
126 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा
सरे की टीम के लिए यह कई मायनों में ऐतिहासिक रहा. डैन लॉरेंस ने 178 रन, सैम करन ने 108 रन और विल जैक्स ने 119 रनों की तेज़तर्रार पारी खेली. कप्तान रोरी बर्न्स भी 55 रन बनाकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने में सफल रहे. इस तरह सरे की टीम ने 820 रन बनाकर 126 साल पुराना अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया. पिछला रिकॉर्ड 811 रन का था, जो 1890 के दशक में समरसेट के खिलाफ बनाया गया था.
डरहम के गेंदबाजों की हालत खराब रही. टीम ने सात गेंदबाज आजमाए लेकिन कोई भी ज्यादा असर नहीं दिखा सका. एक गेंदबाज ने तो अकेले 247 रन खर्च कर दिए और तीन गेंदबाजों ने 100 से ज्यादा रन लुटाए. हालांकि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 820 से अधिक रन पहले भी बने हैं, लेकिन सरे के लिए यह पारी एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जो टीम के गौरवशाली इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई है.
क्या है काउंटी क्रिकेट?
काउंटी क्रिकेट इंग्लैंड और वेल्स में खेली जाने वाली पेशेवर घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिता है. इसमें अलग-अलग काउंटी (जिलों) की टीमें हिस्सा लेती हैं. यह फर्स्ट क्लास स्तर की क्रिकेट होती है, जिसमें टेस्ट खिलाड़ियों समेत अनुभवी और युवा खिलाड़ी भाग लेते हैं. इसे इंग्लैंड क्रिकेट का आधार माना जाता है. यह भारत की रणजी ट्राफी की या अन्य दूसरी घरेलू लीग की तरह ही है.